Home Latest इलाहाबाद हाई कोर्ट का निर्देश- डीजे बजाने पर वसूला जाए 10 लाख तक जुर्माना

प्रयागराज: ध्वनि प्रदूषण पर सख्त रुख अपनाते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शादी घरों द्वारा नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगाने व बार-बार न मानने पर लाइसेंस निरस्त करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि, ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के तहत डीजे बजाने की अनुमति न दी जाए तथा निश्चित मात्रा से अधिक ध्वनि होने पर कार्यवाई की जाए।

कोर्ट ने कहा है कि, किसी विवाह गृह में अधिक आवाज वाले उपकरणों का इस्तेमाल होने पर यदि पुलिस को 100 नम्बर पर शिकायत मिलती है तो पुलिस निर्देर्शों का पालन करे। इसके अलावा कोर्ट ने यह भी कहा है कि कोई भी बारात सिर्फ विवाह स्थल से सिर्फ 100 मीटर की दूरी से ही निकाली जाए। इसके अलावा निर्देशों के तहत यदि कोई विवाह गृह ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण कानून का पालन नहीं करता तो पहली गलती पर एक लाख, दूसरी गलती पर 5 लाख व तीसरी गलती पर 10 लाख रूपये जुर्माना और लाइसेंस रद्द किया जायेगा|

कोर्ट ने कहा कि, पीडीए ने भी माना कि विवाह गृह शहर की यातायात व्यवस्था के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा है कि, मैरेज हाल 1500 वर्ग गज में होने चाहिए। 18 मीटर चौड़ी सड़क पर 18 मीटर फ्रंटेज होना चाहिए। 30 फीसदी कवर एरिया और 40 फीसदी ओपन एरिया होना चाहिए। साथ ही वाहन पार्किंग की व्यवस्था की जाए।

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