Home Latest नशे का जाल: गांजे की लत के शिकार लोगों में से 38 फीसदी अकेले UP से- रिपोर्ट

नशे का जाल: गांजे की लत के शिकार लोगों में से 38 फीसदी अकेले UP से- रिपोर्ट

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लखनऊ: नशीले पदार्थों के सेवन और उसकी समस्या पर हाल ही में आई राष्ट्रीय सर्वेक्षण की रिपोर्ट के मुताबिक, नशे के शिकार लोगों की सर्वाधिक संख्या उत्तर प्रदेश में है। सर्वेक्षण के अनुसार देश में गांजे की लत के शिकार लोगों में से 38 फीसदी अकेले यूपी से हैं।

प्रत्येक वर्ष 26 जून को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और उनकी तस्करी के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के रूप में मनाया जाता है। करीब तीन दशक से चल रहे आयोजनों की शृंखला के बाद भी तस्वीर भयावह दिखती है। ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन) के डीजी और नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, नई दिल्ली में पांच साल तक डेप्युटी डायरेक्टर रह चुके डॉ. राजेंद्र पाल सिंह कहते हैं कि यूपी में नशे का जाल बुरी तरह से फैला है। इस मामले में समय रहते प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।

ये है यूपी का डेटा?

नशे पर हुए राष्ट्रीय सर्वेक्षण के मुताबिक, देश में करीब 73 लाख लोग गांजे और भांग की लत से गंभीर रूप से ग्रसित हैं। इसमें 28 लाख लोग यूपी के हैं। हेरोइन और अफीम जैसे नशे की बात करें तो 77 लाख लोग इससे बुरी तरह से प्रभावित हैं। इनमें करीब 11 लाख लोग यूपी से हैं। पंजाब में यह संख्या सात लाख है।

सर्वे में खतरनाक ट्रेंड यह दिख रहा है कि किशोरों में नशे की लत बढ़ रही है। खासकर इनमें इन्हेलेंट्स (सूंघने वाला नशा) का प्रयोग तेजी से बढ़ा है। प्रदेश में करीब 1 लाख बच्चों को इन्हेलेंट्स संबंधी समस्या के लिए सहायता और इलाज की जरूरत बताई गई है। सेडटिव ड्रग्स और इन्हेलेंट्स लेने वाले अधिकतर बच्चे या तो बेघर हैं या गली-मोहल्लों में अधिक वक्त बिताते हैं। प्रदेश में करीब 20 लाख लोग नशीली दवाइयों मसलन नींद की गोलियां, कोडीन सल्फेट युक्त सिरप जैसे सेडटिव ड्रग्स के आदी हैं। सर्वे के अनुसार, इनमें करीब 3.5 लाख लोगों को इलाज की जरूरत है।

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